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Hymn No. 1174 | Date: 22-Jun-1999
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पीला दे तू आज प्यार से जाम इतना, सरोबार हो जाए नशे में ।
पीला दे तू आज प्यार से जाम इतना, सरोबार हो जाए नशे में ।
दम ना रहे तन में उठने का, बैठे-बैठे दीदार करते रहे नशे में ।
चिलमन तू ना उठाना इतनी जल्दी, तड़पना चाहते है प्यार में तेरे और हम ।
रूसवाई भी सह लेंगे किंचित फर्क ना आएगा दिल में, जो डूबेगे प्यार के नशे में ।
होगा कैसा भी हाल प्यार में तेरे, हमको ना होगी कुछ खबर, जो डूबे होगे प्यार में ।
जताऊँगा ना, बताऊँगा ना, चुपचाप निहारुँगा अपने प्यार को प्यार भरी नजरों से ।
असर ना होगा हमपर किसी और का, तेरे प्यार के आगे साबित होगा सब कुछ बेअसर ।
सजाऊँगा महफिल दर पर तेरे, होगा अंत जब खाक होगा तन ।
मशगूल होंगे इतने प्यार में तेरे, मनाऊँगा जश्न जब तन की बाधा तोड़कर मिलन होगा हमारा ।
हमको ना चाहिए कुछ और का सहारा, तेरा प्यार काफी है जीवन जीने के लिए।


- डॉ.संतोष सिंह