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Hymn No. 1185 | Date: 28-Jun-1999
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प्यार करना कभी सीखा न था, देखते ही तुझे प्यार हो गया ।
प्यार करना कभी सीखा न था, देखते ही तुझे प्यार हो गया ।
दिल को मचलते कभी देखा न था, आँख लड़ते ही मस्त हो गया ।
कयामत किसे कहते है, जो प्यार में तुमने कहर ढाया हम जान गए ।
रहबर हम तो हो चुके है फिदा तुझपर जुदा हो जाए चाहे तन से ।
तुझसे इक बार जो हुआ प्यार, तो रूह पर मस्ती छा गई तेरे प्यार की ।
गुजरे नहीं हम किसी पल से, प्यार पाने के वास्ते गुजरेगे हर दौर से ।
ठौर मेरा बन चुका है, जब से दिल हुआ है पागल तेरे प्यार में ।
रहूँ चाहे आखरी कतार में, बरसाना तू तेरा प्यार हमपर सदा ।
तेरी अदा पर हुआ था फिदा, जुदा कोई कर नहीं सकता मुझको ।
कुछ भी ना देना हमें परवाह नहीं, हम को प्यार करने से तू मत रोकना ।


- डॉ.संतोष सिंह