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Hymn No. 1186 | Date: 28-Jun-1999
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मजा ले-ले तू प्रभु के नाम का, प्यार का जाम पीते-पीते ।
मजा ले-ले तू प्रभु के नाम का, प्यार का जाम पीते-पीते ।
बसा तू उसे अपने दिल में, यादों के सुनहरे पलों में विचरते-विचरते ।
जोड ले तू उससे अपनेआप को इतना, मिट जाए हर भेद तुझमें और उसमें ।
खो दे सब कुछ अपना उसके पीछे, कुछ खोने को रह न जाए उसके वास्ते ।
प्यार का रंग चढ़े तुझपर ऐसा, फिर संसार का कोई रंग चढ न पाए तुझपर ।
गुनगुना याद करके तू उसको इतना, हर पल दिल गाए गीत नया-नया ।
जीतने को रह न जाए कुछ संसार में, इस बार तू जीत ले उसे ।
मन को ना लूभा पाएगा कोई, जो बन जाएगा मन का मीत वह ।
प्यार के खेल में तू चाहे हार या जीत, पर वह हो जाएगा तेरा ।
दे-दे तू उपहार में अपने दिल को, बन जाएगा दिलदार वह तेरा ।


- डॉ.संतोष सिंह