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Hymn No. 116 | Date: 14-Nov-1997
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लेने को लेते है रोज ही तेरा नाम ;
लेने को लेते है रोज ही तेरा नाम ;
मज़ा तो तब आता है जब होता है तू साथ मेरे ।
हर वक्त तू हर जगह याद आता है मुझे
सिर्फ तेरी बातें और तू ही याद रह जाता है ।
मेरे प्यार को तुझे जताने की क्या जरूरत है ;
निगाहें मिलते ही खुद ब खुद तू सब कुछ जान लेता है।
प्यार छिपाने की तू लाख कोशिश कर लें,
मिलने पे तेरी आँखें भर आती है खुशी से ।
ना परवाह तू करता है जमाने की,
अब किसे है परवाह उस जमाने की ।


- डॉ.संतोष सिंह