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My Divine Blessing
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Hymn No. 1196 | Date: 03-Jul-1999
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बिसार जाने दे हम को तेरे प्यार भरे जतन में ।
बिसार जाने दे हम को तेरे प्यार भरे जतन में ।
अलग कर ना सके कोई मुझे, बन जाने दे धूल तेरे पैरों की ।
खत्म हो जाए मेरा ये तन, जो बताए मैं कोई गैर हूँ ।
बैर का कोई भाव न आए मन में, प्रेम में, प्रेम बनकर रहूँ ।
दंग होना पड़े मुझे, जब खुद को ढुँढने लगूँ ।
सारी हलचल खत्म हो जाए मन की, जो जुड़ जाए तुझसे ।
न यादें हो ना फरियादे, शून्य में प्रेम गूँथा हो एक-दुजे से ।
जो कुछ भी हो पर हम ना रहे, तू ही तू हो ।
बडबोलेपन की कोई बात नहीं, हम तो खुश है इक कण बनकर ।
मेरी मर्जी भी तुझको हूँ सौंपता, तेरी मर्जी से अलग नहीं मै ।
- डॉ.संतोष सिंह
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