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Hymn No. 1210 | Date: 14-Jul-1999
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झोली है खाली हमारी, भर दे तू इसे अपने प्यार से ।
झोली है खाली हमारी, भर दे तू इसे अपने प्यार से ।
जो कर ना सके आज तक, वह कर दिखाएगा प्यार तेरा ।
यार हैरान है दुनिया, नाकाबिल को पास देखकर तेरे ।
हमने भी जाना न था, प्यार की पहुँच है सब जगह ।
घाट-घाट के ठुकराए हुए को, आशियाना मिला तेरे प्यार का ।
दिल भर चुका है लबालब तेरे प्यार से, छलक उठता है याद करके तुझे ।
तड़प क्या होती है जाना हमने, आकर तेरी महफिल में ।
सिलसिला शुरु हुआ जो प्यार का, खत्म ना होने देना जीवन के बाद भी ।
सपने संजोए है मन ने भी, साकार करना यार प्यार के वास्ते ।
यह सब तो है चमत्कार प्यार का, जहाँ नजर आता है खुदा यार बनकर ।


- डॉ.संतोष सिंह