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Hymn No. 1229 | Date: 23-Jul-1999
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धीरे-धीरे पिलाता जा प्यार का जाम, जो भी होगा अंजाम देखा जाएगा ।
धीरे-धीरे पिलाता जा प्यार का जाम, जो भी होगा अंजाम देखा जाएगा ।
शुरुआत में कुछ अजीब-सा लगता है, बाद में सुबह-शाम पीने का मन है करता
आज नहीं तो कल तेरा रंग चढ़ेगा जरूर, जब नशा छा जाएगा प्यार का ।
हर पल दे रहा हूँ सदा, ऐ खुदा, कर दे तेरे प्यार से सराबोर हमको ।
कायल तो थे हम कब से तेरे, अब जाकर घायल हुआ है दिल हमारा ।
ना चाहिए किसी और का सहारा, रह लेगे तेरे प्यार में बेसहारे हम ।
निभा नहीं सकता किसी और धर्म को, तेरा प्यार बन गया है मेरा परम धर्म ।
तेरे प्यार के आगे सब कुछ है, नीरस, सरस वहीं लगता है, जिस में हो प्यार तेरा।
अरसा गुजार दूँगा तेरे प्यार में, जो तू महफूझ रखना अपने प्यार में ।
अब कुछ ना है कबूल तेरे प्यार के सिवाय, जो भी होगा देखा जाएगा ।


- डॉ.संतोष सिंह