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Hymn No. 1234 | Date: 26-Jul-1999
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भूल जाए सब कुछ प्रभु, भूले ना कभी तुझे ।
भूल जाए सब कुछ प्रभु, भूले ना कभी तुझे ।
बस जाए हमारे जहन में, याद तेरी अनंत काल के लिए ।
दिलों-दिमाग पर मेरे, हर पल छाया रहे तू ।
अपनेआप हर विद्या में, हो जाएँगे हम पारंगत ।
स्वीकार नहीं तेरे सिवाय किसी और की छत्र-छाया ।
रहबर तेरे सिवाय किसी और का होना नहीं चाहते ।
आकुल-व्याकुल मेरा मन, शांत हुआ पास आकर तेरे ।
निश्चिंत हो गया हूँ, प्रभु प्यार पाकर तेरा ।
निर्बांध गती से रमना चाहता हूँ प्यार में तेरे ।
होता रहे जीवन में घट-बढ खोये रहे हम तुझमें ।


- डॉ.संतोष सिंह