VIEW HYMN

Hymn No. 1237 | Date: 30-Jul-1999
Text Size
आशिक हूँ मैं तेरा, अंजाम का डर ना है हमको ।
आशिक हूँ मैं तेरा, अंजाम का डर ना है हमको ।
चल पड़े जो राहे प्यार पर, यार जो गत बनेगी, देखा जाएगा ।
मदद की दरकार ना रखते है, हौसला अफजाई तू करते जाना ।
आ गया अगर कोई सागर, सूख जाएगा प्यार की तपिश से मेरे ।
हिमालाँ को भी झुकना पड़ेगा, प्यार का तूफाँ देखकर ।
तौबा -तौबा करेंगे लोग, प्यार को जो बेशर्मी समझेंगे ।
परवाह हमें ना है किसी की, हम जो डूबे है, प्यार में तेरे ।
जीवन मिला है तेरे प्यार के वास्ते, जाना नहीं किसी और रास्ते ।
होश खोए हुए बीता है जमाना, इस मस्ताने को मत आजमाना ।
अंजाम की परवाह ना है हमें, हम तो हो चुके सवार तेरी कश्तीं पर ।


- डॉ.संतोष सिंह