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Hymn No. 1241 | Date: 02-Aug-1999
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आ गए है तेरी महफिल में, नजरे चूरा या मिला, हम तो करेंगे प्यार का इजहार ।
आ गए है तेरी महफिल में, नजरे चूरा या मिला, हम तो करेंगे प्यार का इजहार ।
दम नहीं है हम में तोड़ने को शर्म की दीवार, चूर करके रख देंगे प्यार की ताकत से ।
अंदाज मोहब्बत का बयाँ करना मेरे वश की बात नहीं, दिल की तड़प सीखा देगी हाल कहना ।
ताकत ना है देखने की तुझे निहारता हूँ तिरछी निगाहों से, हो चूर प्यार के नशे में एकटक देखेंगे ।
जीवन की हर बात कहना चाहकर भी कह नहीं पाता हूँ आज, मस्ती जो चाहेगी तो कहूंगा सामने सबके।
रूठेगा तू अगर, तो मनाना चाहूँ इक नये अंदाज में तुझे, बस तू मौका दे देना मुझे जरूर ।
कह ले चाहे तू कितना भी, ना होए तेरे बिना, ना छोडूँगा प्रियतम अपनेआप को आज ना है बहुत कुछ हाथों में हमारे, कल को ना चाहिए कुछ बस पहूँच जाने दे तुझ तक ।
आँखों के होते हुए भी हूँ अंधा, दिल तो है प्रिय, रिक्त, बिना प्यारे के तेरे ।
जिद करके ना है कुछ करना-कहना पर प्रभु रह लेने दे हमको चरणों में तेरे ।


- डॉ.संतोष सिंह