VIEW HYMN

Hymn No. 1251 | Date: 11-Aug-1999
Text Size
जीने की तमन्ना हो गई खत्म, जो पी लिया तेरे प्यार का जाम ।
जीने की तमन्ना हो गई खत्म, जो पी लिया तेरे प्यार का जाम ।
रहा-सहा मिटता गया भान, डूबकर यादों में तेरे ।
टूट गए सारे कस्मे-वादे, जो प्यार के डगर पर चल पडे ।
तमन्ना ना है होश में आने की, मदहोश रहने दे ख्यालो में ।
मिलना-दूर होना अच्छा नहीं लगता, एक हो जाने दे तू हमे ।
लायक तो नही तेरे वास्ते, ना खुद को मिटा दें तेरे प्यार से ।
कुछ छुपा है तुझसे, परदा उठा दें तेरे-मेर बीच से ।
प्यास बढ़ गई है तेरा प्यार देखकर, प्यास मिटा दे तू मेरी ।
दम तोड़ना है मुझे, ले-ले अपने आगोश में ।
फरियाद ना हूँ करता, दिल की आवाज है तेरे वास्ते ।


- डॉ.संतोष सिंह