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Hymn No. 1254 | Date: 14-Aug-1999
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एक दिन की बात है, पहुँचे प्रभु के पास मन में लेके कुछ ख्याल ।
एक दिन की बात है, पहुँचे प्रभु के पास मन में लेके कुछ ख्याल ।
पहुँचते ही माँगा, प्रभु मैं जो चाहूँ, वह जान जाऊँ, पलक झपकते ही ।
पहले आया दिल में ख्याल, देखे प्रभु के नजरों में है क्या ।
प्यार के बादल उमडते- घुमडते देखा, सबके ऊपर कृपा बूँद बनकर बरसते देखा ।
धीरे से झाँका प्रभु के मुख में, वहाँ भी प्यार को स्वरों में बदलते पाया ।
हिम्मत बढ़ी, कुछ आगे बढ़ा, धीरे से झाँक लिया प्रभु के दिल में ।
सारे संसार को बनते-बिगड़ते देखा, प्यार के सिवाय सब कुछ मिटते देखा ।
डरकर काप उठा, अलग रहने का भेद जो जान गया ।
दिल चिल्ला उठा, नहीं देखना अब कुछ मुझे, ढल जाने दे प्यार में तेरे ।
तुझसे अलग रहकर क्या करेगे, प्यार में बनेंगे, तो तेरे दिल में जा बसेगे ।


- डॉ.संतोष सिंह