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Hymn No. 1258 | Date: 18-Aug-1999
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थम जाए साँस मेरी, थमने ना देना हाथों को ।
थम जाए साँस मेरी, थमने ना देना हाथों को ।
निकल जाए प्राण मेरे, दिल से खत्म ना होने देना, सिलसिला गीतों का ।
लड़खड़ाता रहूँ, पर तेरी ओर तू मुझे बढ़ते रहने देना ।
आते रहे जीवन में उतार-चढाव, मन में रहना तू सदा ।
वादा किया हुआ पूरा करुँ, परवाह ना करुँ अंजाम की ।
जीवन ढल जाए अनुरूप तेरे, स्वरूप हो कैसा भी ।
मस्ती में फिरूँ, तेरा संदेश लेकर, मस्ती खत्म ना होने देना ।
संग मिले मुझे तेरा हर पल, कोई आदत रोक ना सके ।
खामियाँ बदल जाए तेरे प्यार की लडियों में, किसी आस के पास में बंधने ना देना ।
इबादत करते-करते हो जाए मेरी शहादत, ऐसा तू कुछ कर देना ।


- डॉ.संतोष सिंह