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Hymn No. 1276 | Date: 07-Sep-1999
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मत तरसा हमको इतना, बरसा दे प्यार तेरा ।
मत तरसा हमको इतना, बरसा दे प्यार तेरा ।
बाट जोही न जाने कब से, प्यासा है दिल मेरा ।
धड़कन सुप्त होती जा रही है, तेरे प्यार की आस में ।
जलकर खाक हो ये तन-मन, कई बार तुझे पाने के वास्ते ।
रूकना मेरा, मेरे वश में नहीं, हम तो मारे हुए है तेरे प्यार के ।
विश्वास ना हो मेरे गीत पर, तो सुन ले मेरे धडकन की आवाज ।
खनक रहे है घुंघरुँ की तरह, तेरे प्रेम भरे प्यालों को पीकर ।
दया करके तु प्यार ना करना, होना फिदा प्यार देखकर हमारा ।
आशीष की धगधाआ में रखना तू, बेधडक होकर पार कर जाएँगे रूकावटों को ।
सलामती की परवाह किसे, तेरा प्यार बनकर है सलामत रहना ।


- डॉ.संतोष सिंह