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Hymn No. 1277 | Date: 08-Sep-1999
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पीया हमने जो तेरे प्यार की शराब, हो गई हालत खराब ।
पीया हमने जो तेरे प्यार की शराब, हो गई हालत खराब ।
जागूँ तो चैन नहीं, नींद में देखूँ हर पल तेरे ख्वाब ।
हो गई है अब आदत खराब, चैन नहीं आता पल भर तेरे बिना ।
बरबादियों का जश्न मनाने लगा हूँ, अब डूबकर तेरी यादों में ।
सारे गली-शिकवे दूर हो गए, जो तेरी महफिल में गुजरने लगी शाम ।
कुछ श्वास ना बचा पास मेरे, प्यार का किस्सा हो गया आम ।
जदोजहद हो गई खत्म, बदला मैं जो हो गई शुरुआत तेरे प्यार की गुप्तगु ।
नया-नया था, प्यार का फसाना, ये किस्सा हो गया पुराना ।
अंदाज मोहब्बत का हमको बिलकुल न था, मिलते ही तुझसे दिल दीवाना हो गया ।
कुछ ना बचा है पास मेरे, हर पल जो सवार रहती है प्यार की मस्ती ।


- डॉ.संतोष सिंह