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Hymn No. 1278 | Date: 08-Sep-1999
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नयी ना है मेरे प्यार की कहानी, सुन ले तू मेरी जुबानी ।
नयी ना है मेरे प्यार की कहानी, सुन ले तू मेरी जुबानी ।
गम भी शरमा जाए, दर्द है इतना, हर पल का इक किस्सा अलग है ।
प्यार की तपिश छुपी हुई है, इतनी, पत्थर भी पिघल जाए आँसू बनकर ।
फिर भी छाई रहती है दिल पर प्यार की मस्ती ।
कर्मो ने की थी प्यार से बेवफाई, भुगतना पड़ी सजा हम को ।
पाया था प्यार में बहुत कुछ, वक्त रहते कीमत उसकी जान न पाया ।
होश आया तो पाया सारे ख्वाब एक-एक करके टूट गए थे ।
बिन हारे यथार्थ के, घरातल से हमने प्यार की गुहार लगाई ।
वह फिर आया, नजरो से प्यार की मस्ती बिखरते हुए ।
इस बार हमने थी कसम खाई, बिन चूके सवार हो गई प्यार की ।


- डॉ.संतोष सिंह