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Hymn No. 1279 | Date: 09-Sep-1999
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रहबर मेरे! तेरे प्रेम के प्यासे है हम ।
रहबर मेरे! तेरे प्रेम के प्यासे है हम ।
दिल धड़के हर पल, तुझसे मुलाकात की आस में ।
प्यासे है हम तेरे प्यार के, ना मायावी जग के ।
रोम-रोम झूम रहा है, मस्ती भरे तेरे गीतों को सुनकर ।
होश ना रहा हमको हमारा, प्रभु जब से हुआ तेरा सहारा ।
खुशनुमा हो गया जीवन तेरे सानिध्य में आकर ।
साकी बन बैंठा है, तू हमारा, प्यार का घूँट पिलाकर ।
दिल खो गया है, तेरी नजरों की मयकशी में ।
बचा ना कोई सवाल जो तेरे प्यार में, तन का बंधन टूट गया ।
बाहर-भीतर सचमुच कुछ ना रहा, जो मेरा होश उड़ गया ।


- डॉ.संतोष सिंह