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My Divine Blessing
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Hymn No. 1280 | Date: 09-Sep-1999
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लड़ गई जो नजर तुझसे, जो होश मेरे उड़ गए ।
लड़ गई जो नजर तुझसे, जो होश मेरे उड़ गए ।
जान तन से निकलकर, जान बन गई तेरी ।
यही से शुरु हुई तेरी-मेरी प्रेम कहानी ।
था मैं वही, तेरे प्रेम रस में पड़कर, सब कुछ बदल गया ।
मुहाल हुआ जीना मेरा, जो तेरे प्रेम का शिकार हुआ ।
लड़खड़ाते हुए कदमों से, तेरे दर की ओर बढ़ चला ।
घायल था दिल मेरा, पर बेकरार हो चुका था तेरे वास्ते ।
रूकना न था मेरे वश में, जो प्यार के बंधन में जकड़ गया ।
शुरु हो गई थी लडाई इच्छाओ और कामनाओं से ।
बेधड़क होकर लड़ने लगा, तेरे प्यार के सहारे ।
- डॉ.संतोष सिंह
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