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Hymn No. 1281 | Date: 10-Sep-1999
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मिन्नतें है हमारी कर दे तू पुरी, कर लेने दे तेरा दीदार हमको ।
मिन्नतें है हमारी कर दे तू पुरी, कर लेने दे तेरा दीदार हमको ।
नामाकुल जीवन हो जाएगा रोशन, जो तेरे चरणों में पा जाएगा स्थान ।
आशाओं का वास है मन में, तेरे आने के इंतजार में मुस्कान हैं मुख पर ।
दिल कली से फूल बनने की राह देख रहा है, इंतजार है नजर पड़ने की तेरी ।
आड़े से आड़े वक्त में काम आया प्यार तेरा, पर तुझको समझ न पाया ।
हलचल मन की ज्यों की त्यों है, पर तेरी खुशी और नाराजगी से है जुड़ी ।
अंत होता दिख रहा है मेरा, अंत कब होगा तेरी-मेरी विरह कथा का ।
जिक्र करना चाहता हूँ हर दिल का, इतना करीब कब आऊँगा तेरे ।
टूटने ना देना दिल के ख्वाब को, निभाना तेरे-मेरे प्रेम भरे रिश्ते को ।
अंदाजा है तुझे सबकुछ का, दे दे मुझे प्रेम आशीष, दूर हो जाए सारी कमियाँ ।


- डॉ.संतोष सिंह