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Hymn No. 1285 | Date: 13-Sep-1999
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प्यार है संसार में तो सिर्फ तुझसे है, बाकी सब है बेकार ।
प्यार है संसार में तो सिर्फ तुझसे है, बाकी सब है बेकार ।
झूठ होगी मेरी हर बात, पर ये मेरे दिल का हाल है ।
सुनी-सुनाई ना कहता हूँ, मन की बात बाताता हूँ ।
बैचेन मन को चैन आता है, आकर करीब तेरे ।
दर-दर भटककर ना कहता हूँ, मेरा पहला-अंतिम दर तू है ।
धुत्कार दे या पुचकार ले, दिल तो अपना तुझको मान चुका है ।
मान-अपमान, मेरे मन का हर भाव मिटता जा रहा है ।
बेबसी इसे तू ना समझना, खुद्दार मन का हाल है तेरे प्यार में ।
होगी हम में अभी कई कमियाँ, रूठने का तुझको अधिकार है ।
पर ये सच है रूठने के बिना, प्यार की हर कहानी अधुरी है ।


- डॉ.संतोष सिंह