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Hymn No. 126 | Date: 27-Feb-1998
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एक दिन सोचा मैंने ऐ खुदा तेरी बात क्या है ये तू बता दे ।
एक दिन सोचा मैंने ऐ खुदा तेरी बात क्या है ये तू बता दे ।
बता दे पहले हिंदू बनाया या मुसलमान की इंसान बनाया ; यें तू बता दें ।
पहलें बारिश हुयी थी की यें नदीं - नाले और सागर थें, ये तू बता दे ।
पहले ये धरती थी की आसमान या ये सितारे ; ये तू बता दे ।
क्या सोचा था तूने इस जहाँ को बनाने से पहले, यें तू बता दे ।
अपनी ही बनायी हुयी चीजों को मिटानें में क्यों तूला है; यें तू बता दे ।
ऐ खुदा तू हम सबसे अपने आप को क्यों है इतना छुपाता, ये तू बता दे ।
अगर औलादें है हम तेरी तो क्यों दूर रहता है तू हमेशा ये तू बता दे ।
तू मालिक है हम तेरे गुलाम अपने जजबातों का अहसास कैसे कराये ये तू बता दें ।
तेरे खातिर किसी भी वक्त मर मिटने को है तैयार कब, ये तू बता दे ।


- डॉ.संतोष सिंह