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Hymn No. 1290 | Date: 15-Sep-1999
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दिल में ना रखनी है कोई बात, कह दूँगा मैं सब तुझसे ।
दिल में ना रखनी है कोई बात, कह दूँगा मैं सब तुझसे ।
परिणाम की परवाह ना है मुझे, जो मुझको प्यार हो गया तुझसे ।
इससे बुरा हाल क्या होगा, जो तुझसे प्यार ना होगा हमको ।
जीने का कोई अर्थ नहीं, जो तेरे प्यार में ना डूबे हम ।
बेफिक्री में मस्त हो गए हम, जैसे सारे जहाँ की सल्तनत पा गए ।
हो सकता है सब कुछ जीवन में, जो तेरे साथ रह गया ।
भेद है तब तक, जब तक मिटूँगा ना प्यार में तेरे ।
होने को होता रहे जीवन में कुछ भी, प्यार तुझसे ही करूँगा ।
बदनाम कोई कितना भी करे, ना हटने दूँगा तेरे नाम का चूस्का ।
तुझसे कहकर कुचल दूँगा, आड़े आएगा गर कोई तेरे-मेरे बीच में ।
प्यार का पागलपन बढ़ता जा रहा है, होना ना चाहता हूँ मैं ठीक ।


- डॉ.संतोष सिंह