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Hymn No. 1291 | Date: 18-Sep-1999
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नजरो में तेरे प्यार है, जो बरसे हर मुलाकात में हम पर ।
नजरो में तेरे प्यार है, जो बरसे हर मुलाकात में हम पर ।
लब पर है हर पल मुस्कान तेरे, जो भर देती है हमको आनंद से ।
निकले शाश्वत ज्ञान मुख से तेरे, जो सुनने को व्याकुल रहते है हम ।
तेरे आते ही बेजान से जीवन में, आ जाती है जान ।
व्याकुल रहता है हर कोई, जीव हो या अजीव तेरे साथ के लिए ।
मन की प्यास बुझती नहीं, रह ले कितने भी संग तेरे ।
बहाने ढूँढते है हम पास रहने के लिए तेरे ।
मिलते ही कर देता है तू अंत हमारे तन के दूर्भावो को ।
मचल उठता है दिल हमारा प्यार में तेरे सब को भूलता है ।
साँसो की जरूरत ना रह गई, जो प्राण हमारे तू बनता है ।


- डॉ.संतोष सिंह