My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1295 | Date: 20-Sep-1999
Text Size
मुझे नहीं पता, प्यार में क्या-क्या होता है ।
मुझे नहीं पता, प्यार में क्या-क्या होता है ।
रोता हुआ दिल भी, भीतर-भीतर क्यों मस्ती में रहता है ।
सनम तेरी यादों का सिलसिला, कभी खत्म क्यों ना होता है ।
निरर्थक लगता है ये जग सारा, प्यार के सिवाय कोई मतलब ना रहता है।
बिन पिए दिल मदहोश सा रहता है ।
हर सोच-समझ पर, प्यार का जोर रहता है ।
प्यार का आलम ऐसा रहता है कि हर शख्स बालम लगता है ।
नींद में ख्वाब होते है, ख्वाब में प्यार ही प्यार होता है ।
अजब है दास्ताँ प्यार की, जो हुआ शिकार, वही जाने प्यार की हालत ।
खुदा की ना चलती है प्यार के आगे, जो वह प्यार सबसे करता है ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
डफली की ढम-ढम, मेरे मन की रून-झून ।
Next
जारी है जंग अपने आप से लड़ने की, तेरे कदमों में चढ़ने की ।
*
*