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Hymn No. 1303 | Date: 25-Sep-1999
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भेजा है तुमने संसार सागर में, तो देते रहना मस्ती भरा साथ मेरा ।
भेजा है तुमने संसार सागर में, तो देते रहना मस्ती भरा साथ मेरा ।
सुख-दुख की लहरें आती-जाती रहेंगी, आनंद में रहना हमको तू सिखाना ।
भला हो या बुरा सब कुछ हो तेरा, चलाते रहे पतवार करम की डूबकर तुझमें ।
आँधी-तूफाँ की भँवर ये राह में बहुत, पल भर के लिए प्रेम गीत गाना ना भूले हम ।
प्यार का हलाहल पिकर रहेंगे नशे में, पार कर जाएँगे हर संकट को ।
हालात बद से बदतर होते रहे तरस तू ना खाना, सरस प्यार की गाथा तुझे सुनाएँगे ।
जान की परवाह ना है हमें, जान हथेली पर लेकर निकले है प्यार के समंदर में ।
नैया टूट के बिखर जाए चाहे सागर में, प्यार का नशा ना टूटने देना तू कभी ।
सौंपने को ना है कुछ पास मेरे, जो सौंप दिया प्यार भरा दिल तुझको ।
खिलवाड़ कर, या कोई और खेल, तेरे पास रखना, मत डालना इसे फिर से जेल में ।


- डॉ.संतोष सिंह