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Hymn No. 1318 | Date: 07-Oct-1999
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तुझे प्यार है जिनसे, रचाऊँगा स्वांग वैसा ।
तुझे प्यार है जिनसे, रचाऊँगा स्वांग वैसा ।
तेम्हारी खातिर संसार के सारे नियमों को तोड़ दिखाऊँगा ।
शाप मिले या प्यार जो भी मिले, मिले हाथों से तेरे ।
जिनको देगा आशीष तू, करेंगे सेवा उनकी पूरी श्रद्धा से ।
अपने हट को झट से त्याग के, करेंगे पूरा कहा हुआ तेरा ।
तेरे सिवाय ना डरेंगे किसीसे, कहने पर करेंगे नेस्तनाबूद उसे ।
अच्छी- भली बातों पर ना है विश्वास, तू है शाश्वत सत्य हमारा ।
मदद की ना रखता हूँ दरकार, हम तो है फनकार प्यार के ।
यार जीवन का जहर तू देना मुझे, पलक झपकते दफन करेंगे सीने में ।
सारे शिकवा- शिकायत मिट चुके है, तेरी मार भी लगती है प्यार ।


- डॉ.संतोष सिंह