My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1322 | Date: 12-Oct-1999
Text Size
अंत कर दे तू मेरा, मैं हो जाऊँ जो तेरा ।
अंत कर दे तू मेरा, मैं हो जाऊँ जो तेरा ।
तेरे हाथों मरने के वास्ते, करने को कुछ भी हूँ तैयार मैं ।
मुझे ना जनमने का है लोभ, ना ही मरने का कोई डर ।
निडर हो चूका हूँ पाकर प्यार तेरा, बदल गया है जीवन मेरा ।
बची है कोई रजा, तो संग चाहता हूँ हर पल तेरा ।
ढल जाना चाहता हूँ तेरे गीतो में बनकर अमर पंक्तिया ।
मिट जाना चाहता हूँ तेरे कदमो की धूल बनकर ।
फिदा हो जाना चाहता हूँ भौरों की तरह, प्राणों का लोभ त्याग के ।
शरण चाहता हूँ चरणो में, रट लगाते हुए तेरा ।
मान-अपमान की परवाह ना हो, बन जाऊँ तेरा जान मैं ।
एहसास ना हो किसी बात का, प्यार में प्यार बनकर हो जाऊँ तेरा ।
बिन धडकन के रमता रहूँ, तेरे गीतो को गुनगुनाते हुए सदा ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
साँसों का आसरा ना चाहिए अब मुझे, जो मिल जाए तेरा सहारा ।
Next
कुछ कहना चाहता हूँ तुझसे, अपने दिल को खोल के सब देना चाहता हूँ ।
*
*