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Hymn No. 1339 | Date: 15-Oct-1999
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सुन ले, सुन ले दिल की हर बात तू मेरी, कुछ करने के लिए ना कहता हूँ तुझसे ।
सुन ले, सुन ले दिल की हर बात तू मेरी, कुछ करने के लिए ना कहता हूँ तुझसे ।
कहे बिना रह नहीं पाता मैं तुझसे, खोने की चिंता पड़ी ना है मुझे ।
साथ खोजता हूँ तेरा, हाथों में हाथ लेकर भटकने के वास्ते ।
हाँ लालसा है दिल में इतनी, प्यार करुँ मैं बेइम्तहा तुझसे ।
इच्छा इक नयी हो गई है पैदा, सौदा करना चाहता हूँ अपना हाथो तेरे ।
बातों का झाँसा देता रहता हूँ, बातें कभी खत्म ना हो मेरी ।
हालात कैसे भी हो, मुस्कुराता हुआ पहुँचू चरणों में तेरे ।
सुकून छिन जाए कोई गम नहीं, बम-बम बोलूँ प्रभु सदा तेरे नाम का ।
नशा करना चाहता हूँ प्रभु तेरे नाम का, चाहे दम तोड़ दूँ नशे में ।
अब ना कर देर लगती है अगर ये फरियाद, तो गा लेने दे गीत नया ।


- डॉ.संतोष सिंह