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Hymn No. 1349 | Date: 22-Oct-1999
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मत कर वार नजरों से, घायल हूँ मैं पहले से ।
मत कर वार नजरों से, घायल हूँ मैं पहले से ।
तड़पता हूँ, सिसकता हूँ, प्रभु याद कर-करके तुझे ।
जहाँ भी जाऊँ याद आए तेरी, हुआ है हाल-बेहाल ।
तरसाना तू हमको और, दया ना दिखाना तू हमपर कभी ।
मन में न आए कोई और बात, महफूज रहे तेरे वास्ते ।
मिलन में होता है अंत, चाहूँ अनंत काल तक तडप प्रेम की ।
मारा -मारा फिरुँ इधर-उधर, खोए हुए ख्यालों में तेरे ।
सवाल ना उठे दिल में कोई, प्रेम भरी हलचल हो इतनी ।
तुझसे कोई आस ना है, बस बने रहना तू मेरे दिल का सरताज ।
बाज आऊँगा सबसे, फिर भी सनम प्यार करुँगा तुझी से ।


- डॉ.संतोष सिंह