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Hymn No. 1353 | Date: 26-Oct-1999
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कुछ मायने नही है, जीवन में तेरे प्यार के सिवाय ।
कुछ मायने नही है, जीवन में तेरे प्यार के सिवाय ।
बने फिरते है सयाने, ठोकर खाने पर याद आती है तेरी ।
कमियाँ दामन छोड़ती जा रही है, जो तेरे साए में आ गए ।
लुभाता पहले कुछ और था, भूला नही पाता दिल को अब कोई और ।
जोर चलता है तेरे प्यार का, दीवानगी की हद तोड़ देता है बंदा तेरा ।
अंधा हो गया हूँ प्यार में तेरे, प्यार के सहारे भाप लेते है तुझको ।
तसव्वुर ना है दिल को, जब तक मिल नही लेता हूँ तुझसे ।
मौत का मायना ना है कोई, मौत आ जाए जो दामन में तेरे मुख से ।
शहादत के लिए हूँ तैयार, अब करना ना चाहूँ किसी का इंतजार ।


- डॉ.संतोष सिंह