VIEW HYMN

Hymn No. 1358 | Date: 28-Oct-1999
Text Size
फूट रहे है दिल से नये-नये गीत, तुझे अपना बनाने के वास्ते ।
फूट रहे है दिल से नये-नये गीत, तुझे अपना बनाने के वास्ते ।
धडक रहा है सीने में संगीत, होकर लयबद्ध तुझे रीझाने के वास्ते ।
रोम-रोम मेरा है मस्ती में चूर, तेरे समीप आकर ।
बदल गया है नसीब मेरा, जो जिंदगी में तू आ गया ।
नशे में रहा हूँ सुबह-शाम चूर में, जो चढा प्यार का सुरूर ।
यारों कुछ ना पूछो तुम हमसे, नशे में निकल जाए चाहे जान हमारी ।
तेरे प्यार के वास्ते कुर्बान होना जाऊँ मैं अरबो-खरबों बार ।
जब से जीवन में आ गया तू बदले गए जिंदगी के सारे मार्ग ।
क्या करना है कुछ और जानकर, जब दिल ने मान लिया तुझे अपना ।
गम हो या खुशी, फर्क ना है पड़ता, जब तक दिल डूबा रहता है तुझमें ।


- डॉ.संतोष सिंह