My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1369 | Date: 04-Nov-1999
Text Size
बदलना न आया बदल गया संसार, बदलना चाहा बदल न पाया ।
बदलना न आया बदल गया संसार, बदलना चाहा बदल न पाया ।
प्रभु चरणों में तेरे कई बार आया, इक् बार भी दिल को खोल न पाया।
कैसे कहता कि दोष है सबमें, जब खुदको दोषों के साथ खड़ा पाया।
में तो बात हुयी ऐसी रहूँ कालिख की कोठरी में चाहूँ कालिख लग न पाये।
साए से दूर भागना चाहा, तन के सुखों से मुख मोड़ना न आया।
सवाल सब खड़े किये है मन के, इन सब का जवाब ढूँड़ना न आया।
तैयारी बहुत करता हूँ साथ चलने की, धरी की धरी रह जाती है धरा पे।
खाँमियों का ना है दोष मड़ना किसी पे, तैयारी हो जब आधी-अधूरी खुद की
हारता रहा हूँ हर बार अपने आप से, पर हिम्मत न हारा हूँ अभी।
गिरूँगा राह में कई-कई बार, पर बड़ता रहूँगा मंजिल की ओर अपनी।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
कुछ नहीं बनके रह लेने दे चरणों में तेरे प्रभु ।
Next
ये शहर हें दीवाना तेरा, पूजते तुझको भाँति–भाँति के रूपों में।
*
*