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Hymn No. 1371 | Date: 05-Nov-1999
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पिला दे, पिला दे हाथों से तेरे प्यार भरा जाम, हो जाये मेरा काम तमाम।
पिला दे, पिला दे हाथों से तेरे प्यार भरा जाम, हो जाये मेरा काम तमाम।
दोष ना देगा तुझे कोई, सब कहेंगे यही हम थे मर मिटने को बेचैन।
चैन तो मरने पे भी ना मिलेगा, हम तो चाहेगे सिलसिला चलता रहे पिने-पिलाने का।
होश में ना रहना है हमें, माफ करना बेहोश ही है हम भले ।
दर्द कोई क्या देगा हमें, जो मस्त रहेगे तेरे प्यार के नशें में।
दौर पे दौर चलने देना प्यार का, दिल को साराबोर रहने देना प्यार में।
आखरी चिलमन जो है तेरे–मेरे बीच, टूटेगी प्यार से भरे नशे में वो।
माफ करना यारो मुझे मैं हो चुका हूँ दीवाना, हो जाने दे चूर प्यार में मुझे।
ना करना कोई सवाल दे ना सकूँगा जवाब, मुझपे जो छायी है प्यार की मस्ती।
धड़कन बंद होती है तो होने देना, प्यार का जाम पिलाते रहना हाथो तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह