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Hymn No. 1372 | Date: 05-Nov-1999
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भेज दे तू चाहे जहन्नुम में, पर रखना तू प्यार के तरन्नुम में।
भेज दे तू चाहे जहन्नुम में, पर रखना तू प्यार के तरन्नुम में।
झेंल जायेगे हर गम को, भरते हुये तेरे प्यार के दम को।
बेरौनक सी लगती है दुनिया, जो नशा ना होता जीवन में प्यार का तेरे।
छेड़ो मत हमको, पड़ रहने दो यूँ ही, डूबा रहना चाहता हूँ, हर पल प्यार में तेरे।
भाता ना है अब कुछ हमको, जब से लुभा गया प्यार ने तेरे।
सुनता ना है मन की कुछ, जब से हुआ है प्यार तुझसे।
रात-दिन एक ही ख्वाब में विचरता हूँ क्या करूँ हो जाऊँ मैं तेरा।
रह न गया है अब कुछ पास मेरे, सौंप दिया सब कुछ प्यार में तुझे।
यूं ही गुमसूम घंटो रहता हूँ आशिकी से भरे ख्यालों में तेरे संग।
हैरान हो जाता हूँ अपने आप पे रहता तो हूँ कहीं और, मन पहुँच जाता है पास तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह