VIEW HYMN

Hymn No. 1375 | Date: 11-Nov-1999
Text Size
फूट-फूटके रोता हूँ, जो जताना न आये प्यार तुझसे।
फूट-फूटके रोता हूँ, जो जताना न आये प्यार तुझसे।
बेचैन हो जाता हूँ रातों को, जो ख्वाबों में न आये तू।
दिया हुआ है सब कुछ तेरा, तेरे बिन अधूरा जीवन मेरा।
रास नहीं आता दिल को कुछ, जब तक महसूस नहीं कर पाता।
जीना है दुश्वार मेरा जब तक, गूँथ न जाऊँ हर पल तुझसे।
कैसे बताऊँ कितना बेहाल हो जाता हूँ तेरे बिना।
जान रहते हुये जिस्म हो जाता है बेजान देखे बिना तुझे।
चुराया ना हूँ अब तक कुछ मैं, चुराना चाहूँ दिल तेरा।
मिला हूँ तुझसे कई बार, तरसता हूँ मिलन के लिये अब भी।
कृपा करके तू न आना, खींच लायेगा मेरा प्यार तुझे जरुर।


- डॉ.संतोष सिंह