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Hymn No. 1376 | Date: 13-Nov-1999
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दिलबर के वास्ते दिल में लाया हूँ प्यार भरके ।
दिलबर के वास्ते दिल में लाया हूँ प्यार भरके ।
जोर होगा इतना रहबर ढल जायेगा यार के रूप में तू।
लिया है जनम सिर्फ तुझसे प्यार करने के वास्ते।
तेरी आशिकी में जीवन का हर पल गुजारने वास्ते।
जुदा ना कर सकता है कोई मेरे रोम–रोम में है तू।
कसम से बदल ले रूप तू कितना भी पहचान जायेगे हम।
खोने को हूँ तैयार मैं तुझसे मिलन के वास्ते।
पाया है तुझसे, न्योछावर किया तुझपे तो क्या हुआ।
संतोष मिल जायेगा तरसते हुये दिल को जो तुझ पा जायेगा।
फरियाद ना है मेरी, ये तो प्यार भरा खत है तेरे वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह