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Hymn No. 1389 | Date: 17-Nov-1999
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मनाऊँगा मैं जश्न बहुत बढ़ा, जिस दिन होगी मौत इस तन की।
मनाऊँगा मैं जश्न बहुत बढ़ा, जिस दिन होगी मौत इस तन की।
चलूँगा हर पग पे झूमते हुये, दिलदार को चूमने के वास्ते।
काँप उठेगी सारी दिशायें, देखके मेरे मस्ती भरे अंदाज को।
छोड़के राह मेरी परे हो जायेगा मन का तूफां।
हर पग पे करूँगा धमाका, प्यार के जोर से ।
कंपकंपा उठेंगे दिल सभी के, देखके दीवानगी मेरी।
परवाने की पहचान भूलता जाऊँगा, पहुँचूँगा बनके खालीश प्यार।
न होगा कुछ साथ मेरे, फिर भी होगा मिलने को तू बेकरार।
इस बार जो तेरे अंक में समाऊँगा, फिर कभी ना अलग हो पाऊँगा।
चल ना सकता है अब किसी का जोर मुझपे, पकड़ ली प्यार की राह जो।


- डॉ.संतोष सिंह