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Hymn No. 1396 | Date: 20-Nov-1999
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सचमुच का है दिल में तेरे वास्ते बहुत कुछ, बताना चाहता हूँ, बताना आये ना मुझे।
सचमुच का है दिल में तेरे वास्ते बहुत कुछ, बताना चाहता हूँ, बताना आये ना मुझे।
बची हुयी जिंदगी गुजारना चाहता हूँ आगे – पीछे होके तेरे पागलों की तरह।
आँसू है आँखों में तो तेरी याद के कारण से, गमों से ना है कोई वास्ता।
दर्द भरे गाता हूँ गीत छिपा हुआ प्यार उभारने के वास्ते, फरियाद से ना है कोई वास्ता।
बंद हो जाये चाहे सारे रास्ते, बंद ना करना तेरे दर के चौखट को मेरे वास्ते।
साया बनके रह लूँगा साथ तेरे, पर अँधेरे में ना छुड़ाना तू पीछा मुझसे।
खाली हाथ आया हूँ खाली हाथ जाऊँगा, कह भी बदल जायेगी प्यार में जो तेरे।
खाकसार के पास ना है कुछ ऐसा जो सौंप सके तुझे, प्यार कर लेने दे मुझे।
जल रही है आग प्यार की दिल में, बंदगी बदल गयी है प्यार में तेरे पीछे।
नवाज दे तू मुझे मस्ती से, जीवन के हर पल गुजारना चाहता हूँ आनंद से।


- डॉ.संतोष सिंह