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Hymn No. 1404 | Date: 25-Nov-1999
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हँस ले आज तू मुझपे, हँसने का मौका दिया है तूझे।
हँस ले आज तू मुझपे, हँसने का मौका दिया है तूझे।
इतना जान ले काबिल ना हूँ तेरे लिये, फिर भी न जाने दूँगा हाथ से तुझे।
दामन पे होगे लाख दाग, बेदाग है मेरा प्यार यार के वास्ते।
प्यार में तड़पके रोउँढगा, पर तुझे वास्ता न दूँगा प्यार का।
प्यार में करुँगा कुर्बान खुदको हजारों – हजार बार बगैर उफ् के।
पर तेरा प्यार पाना चाहूँगा खुद को उसके काबिल बनाकें।
लौट आना नामुमकिन है, ता-उम्र चाहे मंजिल नजर न आये।
चाहूंगा बस तुझसे इतना, हाथ हो सर पे तेरा, बढ जायेगा हौसला मेरा
माना कि मेरे जैसा ना हुआ होगा, लाख कमियों के बावजूद तेरा हूँ।
सानी कोई ना रखता हूँ, पर मनमानी करुँगा तुझे पाने के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह