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Hymn No. 1409 | Date: 27-Nov-1999
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पिलानें का दौर जारी रख, होश फॉरजा हो जाने तक।
पिलानें का दौर जारी रख, होश फॉरजा हो जाने तक।
होश में न आने देना, गुम कर दे मुझको प्यार में तेरे।
यार मेरे कर ले तू कबूल इस छोटी सी प्रार्थना को।
डूब जाने देना मेरे तन – मन को प्यार में तेरे।
रहके रहना न चाहूँ इस जमाने के संग मैं।
बांवरा बन मगन होके फिरता रहूँ जग में।
फुरसत मिल जाये सबसे, फुरसत ना मिले तेरे प्यार से।
यार दिल में है अब एक ही रजा, मिल जाये प्यार भरी सजा।
मजा आने लगा है जीवन के हर दौर में।
दौर ना होने देना खत्म, जब तक पहुँचूँ पास तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह