VIEW HYMN

Hymn No. 1410 | Date: 27-Nov-1999
Text Size
प्रभु आओ तुम मेरे पास भाग जाऊँगा पकड़के हाथ इस जहाँ से।
प्रभु आओ तुम मेरे पास भाग जाऊँगा पकड़के हाथ इस जहाँ से।
जहाँ ले चलोगे तुम बेधड़क चलेंगे हम, छोड़ेंगे ना कभी साथ तेरा।
कहना कुछ भी तुम, कर दिखायेंगे पूरा इस अहसास से कि तू साथ है मेरे।
एकाएक मिट गयी मेरी सारी जरूरत, फुरसत ना मिलती है हमको तेरे प्यार से।
भेद खत्म कर दे तेरे – मेरे बीच का, मिलन के बाद ना रह जायेगा डर मिलने का।
जो भी होगा हाल मेरा करुँगा कबूल, तेरे पास रहके ना होने दूँगा अहसास तुझको।
बना रहे बेदर्द जमाना सह जाऊँगा, तू बना बेदर्दी तो इक् पल को ना सह पाऊँगा।
मतलब ना रहा मेरे जीवन का, मेरे यार किया है प्यार तुझसे कोई मतलब से नहीं।
आया हुआ हूँ पास तेरे, दिल से निकला हुआ टुकढ़ा लेके, ना कोई नाटकीय कही ना।
नौटंकी तू करना कितनी भी साथ मेरे, पर भीड़ भरे संसार में ना होने देना अकेले।


- डॉ.संतोष सिंह