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Hymn No. 1413 | Date: 28-Nov-1999
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माना है तुझको तो अपना, जान देके बढ़ायेंगे मान तेरी।
माना है तुझको तो अपना, जान देके बढ़ायेंगे मान तेरी।
जाना है तुझको बहुत कुछ, अब वो गलती ना कभी दोहरायेंगे।
पाना है कुछ भी करके तुझको, सारी बाधाओं को पार कर जायेगे।
बतायी है दिल की हर बात, परिणाम जो होगा कबूल करेंगे उसे।
उठ जाना है इच्छाओं से ऊपर, तेरी महाइच्छा के अनुरूप ढल जायेगे।
जला दूँगा मन की मनमानियों को तुझमें खो जाने के लिये।
त्याग दूँगा वो सब कुछ जो आयेगा आड़े तेरे – मेरे बीच में।
गाऊँगा हर पल कोई गीत नया, तुझे अपना बनाने के वास्ते।
खोजूँगा हरदम साथ तेरा हमदम बन जाने के लिये।
तौबा करुँगा हर उस बात से जो जुड़ी ना होगी तुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह