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Hymn No. 1416 | Date: 29-Nov-1999
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प्रभु जी, प्रभु जी तेरे वास्ते दौड़ा – दौड़ा आया मैं पास तेरे।
प्रभु जी, प्रभु जी तेरे वास्ते दौड़ा – दौड़ा आया मैं पास तेरे।
हर काम को छोड़, हर धाम को छोड़ पहुँचा तेरे पास दीदार के वास्ते।
मन नहीं लागे अब कहीं और, रह ना पाऊँ तेरे बिना पल भर को।
दिन हो या रात रहता नहीं अब कोई तेरे सिवाय साथ मेरे।
बाँधना चाहता हूँ तुझको प्रीत की डोर से, निकले जान निकले ना तू मन से।
रहूँ संसार के किसी कोने में, क्षण भर को दूर ना होने दूँ तूझे।
बुन गया है मेरे जीवन का ताना – बाना इर्द - गिर्द तेरे।
हो जाये चाहे मेरा कितना भी बुरा हाल, रोक न पाऊँगा नैन लड़ाने से।
चैन नहीं मिलता दिल को मेरे, जब तक देख ना लूँ यादों में तुझे।
करना ना तू कोई सवाल, सुनता रह बस दिल का मेरे हाल।


- डॉ.संतोष सिंह