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Hymn No. 1417 | Date: 30-Nov-1999
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बदल जा सकता है सब कुछ, बदल नें वाला चाहीये।
बदल जा सकता है सब कुछ, बदल नें वाला चाहीये।
पाया जा सकता है सब कुछ, करने आने वाला चाहिये।
हर मुश्किलों से उबरा जा सकता है, राह बताने वाला चाहिये।
मान न मान सब कुछ है हाथों में हमारे प्रभु तेरे सहारे।
हो जाता है आसान करना सब कुछ, जो होता है हाथ सद्गुरू का।
गुहार लगानी पड़ती है ईश्वर को, भेज दे हमको हाथें में सद्गुरू के।
सद्गुरू होता है पूर्ण - ज्ञान हो या प्रेम देता है संदेश जीवन में।
आदतों की तो छोड़ो वो तो बदल देता है हमारे स्वभाव को।
अनोखा है वो, अनोखा रहता है उसके कार्य करने के तौर-तरीका।
निश्चिंत ना है कहना कुछ उसके लिये, अच्छा-बुरा का ना मतलब है वहाँ।


- डॉ.संतोष सिंह