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Hymn No. 1419 | Date: 02-Dec-1999
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मुस्कुरा के जीना सिखा जिसने, उसने जीते जी जीत लिया ईश्वर को।
मुस्कुरा के जीना सिखा जिसने, उसने जीते जी जीत लिया ईश्वर को।
सारी व्यवस्थाओं के बीच याद किया जिसनें ईश्वर को उसको अपना लिया ईश्वर ने।
जिसनें अपने आप को कर दिया कुर्बान, उसके आगे हारा ईश्वर अपना प्यार।
जिसने गाया गीत प्रेम का सुबहो–शाम उसके सामने, दिया प्रेम का इनाम उसने।
किया सब कुछ उसके नाम जिसने, सौंपा उसको परम्पार विरासत अपनी।
हर श्वास में लिया उसका नाम जिसने भुलाके सब कुछ दौड़ा पीछे–पीछे उसके।
अंजाम जो भी हो छोड़ा ना साथ उसका जिसनें, सारी रस्में तोड़ दिखाया वास्ते उसके।
जो उसके पीछे – पीछे फिरे बनके बावरा, उसकी सुध लिया सांवरे ने सरेआम।
हर धरम – करमों से ऊपर मुक्त माना, जिसने फिर न डाला किसी और राह पे उसे।
नाम हो या न हो पर गुमनाम ना होने दिया प्यार की अनाम गलियों में।


- डॉ.संतोष सिंह