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Hymn No. 1420 | Date: 03-Dec-1999
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धीरे–धीरे मचलने लगा है दिल प्यार में तेरे।
धीरे–धीरे मचलने लगा है दिल प्यार में तेरे।
रहूँ कहीं भी जहाँ में, भुला नहीं पाऊँ प्यार को तेरे।
रिश्ता है अनोखा तेरा मेरा, जो जुड़ा है दिल से।
भूल जाता हूँ सब कुछ, भुलाये ना भूले प्यार तेरा।
ग़म हो या खुशी लगे एक सी, जब मस्ती छायी हो प्यार की
अपने साये को देख चौंक जाते है, कौन अजनबी आ गया बीच में।
मिटने–सँवरने का डर निकल गया, जो प्यार में खोने लगे तेरे।
अफसोस करने का वक्त ना रहा, प्यार में महफूज है हम जो।
काम का ना रह गया मैं, फुरसत ना मिली प्यार से तेरे।
लूट ना सकता है अब कोई मुझे, जो लुट गया प्यार में तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह