VIEW HYMN

Hymn No. 1422 | Date: 03-Dec-1999
Text Size
मैं हूँ तैयार पूरी तरह से, यार तेरे प्यार को पाने के वास्ते।
मैं हूँ तैयार पूरी तरह से, यार तेरे प्यार को पाने के वास्ते।
मजबूरी ना रह गयी कोई, दिल ने मिटा दिया जो तेरे–मेरे बीच की दूरी।
अबकी ना करुँगा कोई गलती, जो मजबूर करे शक करने कें तुझे।
सच पूछो तेरे सिवाय रूचता नहीं दिल को मेरे कुछ और यार।
प्यार करना चाहता हूँ मिटकें, रह न जाये तूझको कुछ कहने को।
खत्म कर दे तू इंतजार की घड़ियाँ, बहुत ले लिया इम्तिहां मेरा।
मेरी हार हो या जीत प्यार में, सेहरा बँधेगा प्रिय तेरे ही सर पे।
इनकार ना करता हूँ तेरे इलजाम से, मत ना लगा लगाम तू प्यार में मेरे।
सरेआम हो चुका हूँ बदनाम, अब ना मिला प्यार तो मललब नहीं जीने का।
तू तो जानता है सब कुछ, अब भी मेरा कहना लगता है झूठ तुझे।


- डॉ.संतोष सिंह