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Hymn No. 1436 | Date: 10-Dec-1999
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खेल खेलता है तू प्यार में करके बुरा हाल हमारा।
खेल खेलता है तू प्यार में करके बुरा हाल हमारा।
नाच नचाये तू इतना कह–कहके है ये इम्तिहान प्यार का।
कब तक चलेगा खेल में तेरा, कैद कर ले हमको प्यार में तेरे।
पीछा छुड़ाये ना छोडूँगा तेरा, जब तक तू ना करेगा प्यार हमसे।
हद् से गुजर जाने के लिये हूँ तैयार तेरा प्यार पाने के वास्ते।
बेकरार है दिल मेरा इस इंतजार में, तू कर ले इकरार प्यार को मेरे।
बाज न आऊँगा इस खेल में, इस दिल को सजाऊँगा प्यार से तेरे।
हठ ना करता हूँ, हाँ झट से पाना चाहता हूँ तुझको।
नटखट है मन मेरा फिर भी फिसलने ना दूँगा प्यार की राह में।
किस्सा तमाम हो जाने से पहले काम आ जाना चाहता हूँ तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह