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Hymn No. 1440 | Date: 13-Dec-1999
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ऐं। खुदा ना तू कर सकता है हमको अपने आप से जुदा।
ऐं। खुदा ना तू कर सकता है हमको अपने आप से जुदा।
बाँधा है मोहब्बत की डोर से, नाता तुझसे तोड़ ना सकता है कोई इसे।
माने या न माने मैंने प्यार किया है सिर्फ तुझसे बिन् सोचे समझे।
होगा हाल हमारा जो भी तेरे हाथों, कबूल करेंगे बिन कोई सवाल किये।
अंत हो जाये इस अंतहीन कहानी का, डूब जायेगे हम तुझमे सदा के लिये।
अदा कर ना सकता तेरा शुक्रिया, न जाने कितने मेरे गुनाहों की सजा पायी तूने।
लड़ाई की थी कई बार तुझसे, हर लड़ाई के बाद खींच गया और तेरी।
समझाना मुश्किल है तुझको, नजरों में पढ ले तू प्यार को मेरे।
जानते है हम जाने तू सब कुछ, कहूँ कहे बिन् ना रह पाऊँ मैं तुझसे।
बदनाम हो या नाम जो भी हो अंजाम, मिटके करेंगे हम तेरा ही नाम्।


- डॉ.संतोष सिंह