VIEW HYMN

Hymn No. 1442 | Date: 14-Dec-1999
Text Size
चाँद और सितारें जन्में है तुझीसे, हम पास आये तेरे-तेरी कृपा से।
चाँद और सितारें जन्में है तुझीसे, हम पास आये तेरे-तेरी कृपा से।
दीखाया तूने राह प्रभु की, सिखाया जितना प्यार से प्रभु का दिल।
रहते थे कहाँ पे, पास तेरे जो आया अनहोनी-होनी बनके घटने लगी।
भागते थे माया के पीछे – पीछे, जो भागा तेरे पीछे इस अभागे का भाग्य बदल गया।
डूबे थे आकंठ इच्छाओं के दलदल में, हाथ फेरा सर पे पलक झपकतें निकल गये।
कहना – बताना बढ़ा मुश्किल है, हर मुश्किल को बाँझा बनाया आशीष ने तेरे।
चुका नहीं सकता ऋण चाहे कितनी बार चढा दूं काँट के शीष चरणों में तेरे।
बना रहने देना सदा तेरा चाहे मिट जाये ये माटी का खिलौना।
मुझे ना रहना है मैं बनके संसार में, रहना चाहूँ बनके अनुरूप तेरे।
रख दे तू मुझे किसी भी स्वरुप में, कोई गिला नहीं पर दिल डूबा रहे प्यार में तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह